Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 117 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 117

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 117
Shloka
यस्मिन्यस्मिन्विवादे तु कौटसाक्ष्यं कृतं भवेत्। तत्तत्कार्यं निवर्तेत कृतं चाप्यकृतं भवेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
झठी गवाही वाले मुकद्दमे पर पुनर्विचार
Meaning
(यस्मिन् यस्मिन् विवादे तु) जिस-जिस मुकद्दमे में (कौटसाक्ष्य कृतं भवेत्) यह पता लगे कि झूठी या गलत साक्षी हुई है (तत्-तत् कार्यं निवर्तेत)उस-उस निर्णय को रद्द करके पुनः विचार करे, क्योंकि वह (कृतं च + अपि + प्रकृतं भवेत्) किया हुआ काम भी न किये के समान है ॥११७॥