Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 1 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 1

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 1
Shloka
व्यवहारान्दिदृक्षुस्तु ब्राह्मणैः सह पार्थिवः। मन्त्रज्ञैर्मन्त्रिभिश्चैव विनीतः प्रविशेत्सभाम्॥

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1 Bhashyas
Subject
व्यवहारों अर्थात् मुकद्दमों के निर्णय के लिए राजा का न्यायसभा में प्रवेश
Meaning
(व्यवहारान्) व्यवहारों अर्थात् मुकद्दमों [८।४-७] को (दिक्षुः तु) देखने अर्थात् निर्णय करने का इच्छुक (पार्थिवः) राजा (ब्राह्मणैः) न्यायज्ञाता विद्वानों [८ | ११] (मन्त्रज्ञः) सलाहकारों (च) और (मन्त्रिभिः) मन्त्रियों के (सह) साथ (विनीतः) विनीतभाव से (सभां प्रविशेत्) राजसभा = न्यायालय में प्रवेश करे॥१॥