Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 97 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 97

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 97
Shloka
रथाश्वं हस्तिनं छत्रं धनं धान्यं पशून्स्त्रियः। सर्वद्रव्याणि कुप्यं च यो यज्जयति तस्य तत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
इस व्यवस्था को कभी न तोड़े कि (यः यत्) लड़ाई में जिस-जिस अमात्य वा अध्यक्ष ने (रथ + अश्वं हस्तिनं छत्रं धनं धान्यं पशून स्त्रियः) रथ, घोड़, हाथी, छत्र, धन, धान्य, गाय आदि पशु और स्त्रियां (च) तथा (सर्वद्रव्याणि) अन्य प्रकार के सव द्रव्य (कुप्यम्) और घी, तेल आदि के कुप्पे (जयति) जीते हों (तत् तस्य) वही उस उस का ग्रहरण करे॥९७॥