Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 80 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 80

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

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Adhyay 7 Shloka 80
Shloka
सांवत्सरिकं आप्तैश्च राष्ट्रादाहारयेद्बलिम्। स्याच्चाम्नायपरो लोके वर्तेत पितृवन्नृषु॥

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1 Bhashyas
Meaning
(सांवत्सरिकं बलिम्) वार्षिक कर + (आप्त आहारयेत्) प्राप्त पुरुषों के द्वारा ग्रहण करे (च) और जो सभापतिरूप राजा आदि प्रधान पुरुष हैं वे सव (आम्नायपर:) सभा-वेदानुकूल होकर (नृषु पितृवत् वर्तेत) प्रजा के साथ पिता के समान वर्त्तं॥८०॥