Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 77 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 77

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 77
Shloka
तदध्यास्योद्वहेद्भार्यां सवर्णां लक्षणान्विताम्। कुले महति संभूतां हृद्यां रूपगुणान्वीताम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
इतना अर्थात् ब्रह्मचर्य से विद्या पढ़के यहां तक राज-काम करके पश्चात् (रूपगुण + अन्विताम) सौन्दर्यरूप गुणयुक्त (हृद्याम्) हृदय को अतिप्रिय (मति कुले संभूताम्) बड़े उत्तम कुल में उत्पन्न (लक्षण + प्रन्विताम्) सुन्दर लक्षणयुक्त (सवरण भार्याम् उद्वहेत्) अपने क्षत्रिय कुल की कन्या जो कि अपने सहश विद्यादि गुण-कर्म-स्वभाव में हो उस एक ही स्त्री के साथ विवाह करे। दूसरी सब स्त्रियों को अगम्य समझकर दृष्टि से भी न देखे ॥७७॥