Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 70 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 70

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 70
Shloka
धन्वदुर्गं महीदुर्गं अब्दुर्गं वार्क्षं एव वा। नृदुर्गं गिरिदुर्गं वा समाश्रित्य वसेत्पुरम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(धन्वदुर्गम्) धन्वदुर्ग-मरुस्थल में बना किला जहां मरुभुमि के कारण जाना दुर्गम हो (महीदुर्गम) रूप में बना किला या मिट्टी महीदुर्ग - पृथिवी के अन्दर तहखाने या गुफा के - की बड़ी-बड़ी मेढों से घिरा हुआ (अप् + दुर्गम्) जलदुर्ग - जिसके चारों ओर पानी हो (वा) अथवा (वाक्षंम्) वृक्ष दुर्ग - जो घने वृक्षों के वन से घिरा हो (नृदुर्गम्) नदुर्ग - जो सेना से घिरा रहे, जिसके चारों ओर सेना का निवास हो (वा) अथवा (गिरिदुर्गम्) गिरिदुर्ग - पहाड़ के ऊपर बनाया पहाड़ों से घिरा किला (समाश्रित्य) वनाकर और उसका आश्रय करके (पुरं वसेत्) अपने निवास में रहे ॥७०॥