Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 65 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 65

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 65
Shloka
अमात्ये दण्ड आयत्तो दण्डे वैनयिकी क्रिया। नृपतौ कोशराष्ट्रे च दूते संधिविपर्ययौ॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अमात्ये दण्ड:) अमात्य को दण्डाधिकार (दण्डे वैनयिकी क्रिया) दण्ड में विनय = अनुशासित क्रिया अर्थात् जिससे अन्यायरूप दण्ड न होने पावे (नृपतौ कोशराष्ट्र) राजा के अधीन कोश और राष्ट्र (च) तथा सभा के अधीन सब कार्य, और (दूते संघिविपर्ययो) दूत के अधीन किसी से मेल वा विरोध करना (आयत्तः) अधिकार देवे ॥६५॥