Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 63 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 63

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 63
Shloka
दूतं चैव प्रकुर्वीत सर्वशास्त्रविशारदम्। इङ्गिताकारचेष्टज्ञं शुचिं दक्षं कुलोद्गतम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(कुलोद्गतम्) जो प्रशंसित कुल में उत्पन्न (दक्षम) चतुर (शुचिम्) पवित्र (इङ्गित + आकार + चेष्टज्ञम्) हावभाव और चेष्टा से भीतर हृदय और भविष्यत् में होने वाली वात को जानने हारा (सर्वशास्त्रविशारदम्) सब शास्त्रों में विशारद चतुर है (दूतम् एव प्रकुर्वीत) उस दूत को रक्खे ॥६३॥