Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 5 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 5

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 5
Shloka
यस्मादेषां सुरेन्द्राणां मात्राभ्यो निर्मितो नृपः। तस्मादभिभवत्येष सर्वभूतानि तेजसा॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यस्मात्) क्योंकि (एषां सुरेन्द्राणाम्) इन [ ७१४] शक्तिशाली देवशक्तियों के (मात्राभ्यः) सारभूत अंश से (नृपः निर्मितः) 'राजा' के पद को बनाया है (तस्मात्) इसीलिए (एष:) यह राजा (तेजसा) अपने तेज (= शक्ति-प्रभाव) से (संर्वभूतानि अभिभवति) सब प्राणियों को वशीभूत एवं पराजित रखता है॥५॥