Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 45 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 45

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 45
Shloka
दश कामसमुत्थानि तथाष्टौ क्रोधजानि च। व्यसनानि दुरन्तानि प्रयत्नेन विवर्जयेत्॥

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1 Bhashyas
Subject
व्यसनों की गणना
Meaning
दृढ़ोत्साही होकर (दश कामसमुत्थानि च अष्टौ क्रोधजानि) जो काम से दश और क्रोध से घाठ (व्यसनानि) दुष्ट व्यसन (दुरन्तानि) कि जिनमें फंसा हुआ मनुष्य कठिनता से निकल सके उनको (प्रयत्नेन विवर्जयेत्) प्रयत्न से छोड़ और छुड़ा देवे॥४५॥