Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 31 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 31

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 31
Shloka
शुचिना सत्यसंधेन यथाशास्त्रानुसारिणा। प्रणेतुं शक्यते दण्डः सुसहायेन धीमता॥

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Meaning
और (शुचिना) जो पवित्र (सत्यसन्धेन) सत्याचार और सत्पुरुषों का संगी (यथाशास्त्र + अनुसारिणा) यथावत् नीतिशास्त्र के अनुकूल चलने हारा (सुसहायेन) श्रेष्ठ पुरुषों के सहाय से युक्त (धीमता) बुद्धिमान् है (दण्डः प्रणेतुं शक्यते) वही न्यायरूपी दण्ड के चलाने में समर्थ होता है॥३१॥