Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 3 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 3

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 3
Shloka
अराजके हि लोकेऽस्मिन्सर्वतो विद्रुतो भयात्। रक्षार्थं अस्य सर्वस्य राजानं असृजत्प्रभुः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(हि) क्योंकि (अराजके अस्मिन् लोके) राजा के बिना इस जगत् में (सर्वतः भयात् वि) सब ओर भय के कारण व्याकुलता फैल जाने पर (स्य सर्वस्य रक्षार्थम्) इस सब राज्य की सुरक्षा के लिए (प्रभुः राजानम् असृजत्) प्रभु ने 'राजा' के पद को बनाया है अर्थात् राजा वनाने की प्रेरणा मानवों के मस्तिष्क में दी है॥३॥