Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 28 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 28

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 28
Shloka
दण्डो हि सुमहत्तेजो दुर्धरश्चाकृतात्मभिः। धर्माद्विचलितं हन्ति नृपं एव सबान्धवम्॥

Bhashya

Meaning
(दण्ड: हि सुमहत् तेजः) दण्ड बड़ा तेजोमय है (अकृतात्मभिः दुर्धरः) उसको अविद्वान् अधर्मात्मा धारण नहीं कर सकता (धर्मात् विचलितं नृपम् एव) तब वह दण्ड धर्म से रहित राजा ही का (हन्ति) नाश कर देता है॥२८॥