Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 25 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 25

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 25
Shloka
यत्र श्यामो लोहिताक्षो दण्डश्चरति पापहा। प्रजास्तत्र न मुह्यन्ति नेता चेत्साधु पश्यति॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यत्र) जहां (श्याम: लोहिताक्षः पापहा) कृष्णवर्ण, रक्तनेत्र भयंकर पुरुष के समान पापों का नाश करने हारा (दण्ड: चरति) दण्ड विचरता है (तत्र प्रजा: न मुह्यन्ति) वहां प्रजा मोह को प्राप्त न होके आनन्दित होती है (नेता साधु पश्यति चेत्) परन्तु जो दण्ड का चलाने वाला पक्षपातरहित विद्वान् हो तो॥२५॥