Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 215 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 215

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 215
Shloka
आर्यता पुरुषज्ञानं शौर्यं करुणवेदिता। स्थौललक्ष्यं च सततं उदासीनगुणोदयः॥

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1 Bhashyas
Subject
(बुधाः) विचारशील विद्वानों का ऐसा मत है ।
Meaning
उदासीन का लक्षण – (आर्यता पुरुषज्ञानम्) जिसमें प्रशंसितगुणयुक्त अच्छे-बुरे मनुष्यों का ज्ञान (शौर्यम्) शूरवीरता (च) और (करुणवेदिता) करुणा भी (स्थौललक्ष्य सततम्) स्थूल लक्ष्य अर्थात् ऊपर-ऊपर की बातों को निरन्तर सुनाया करे (उदासीनगुणोदयः) वह उदासीन कहाता है ॥२१५॥