Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 203 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 203

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/203
Adhyay 7 Shloka 203
Shloka
सर्वेषां तु विदित्वैषां समासेन चिकीर्षितम्। स्थापयेत्तत्र तद्वंश्यं कुर्याच्च समयक्रियाम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(एषां सर्वेषाम्) विजित प्रदेश की इन सब प्रजाओं की (चिकीर्षितम्) इच्छा को (समासेन विदित्वा) संक्षेप से अर्थात् सरसरी तौर पर जानकर कि वे किसे अपना राजा बनाना चाहती हैं या कोई और विशेष आकांक्षा हो उसे भी जानकर (तत्र) उस राजसिंहासन पर (तत् वंश्यम्) उस प्रदेश की प्रजाओं में से उन्हीं के वंश के किसी व्यक्ति को (स्थापयेत्) बिठा देवे (च) और (समयक्रियाम् कुर्यात्) उससे शर्तनामा लिखा लेवे [कि अमुक कार्य तुम्हें स्वेच्छानुसार करना है, अमुक मेरी इच्छा से । इसी प्रकार अन्य कर, अनुशासन आदि से सम्बद्ध बातें भी उसमें हों]॥२०३॥