Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 202 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 202

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/202
Adhyay 7 Shloka 202
Shloka
जित्वा संपूजयेद्देवान्ब्राह्मणांश्चैव धार्मिकान्। प्रदद्यात्परिहारार्थं ख्यापयेदभयानि च॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(जित्वा) विजय प्राप्त करके (धार्मिकान् देवान् ब्राह्मणान् एव) जो धर्माचरणवाले विद्वान् ब्राह्मण हों उनको हो (संपूजयेत्) सत्कृत करे अर्थात् उनको अभिवादन करके उनका आशीर्वाद ले (च) और (परिहारान् प्रदद्यात्) जिन प्रजाजनों को युद्ध में हानि हुई है उन्हें क्षतिपूर्ति के लिए सहायता दे (च) तथा (अभयानि ख्यापयेत्) सब प्रकार के प्रभयों को घोषणा करादे कि प्रजाओं को किसी प्रकार का कोई कष्ट नहीं दिया जायेगा अतः वे सब प्रकार से भयआशंका-रहित होकर रहें॥२०२॥