Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 198 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 198

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/198
Adhyay 7 Shloka 198
Shloka
उपजप्यानुपजपेद्बुध्येतैव च तत्कृतम्। युक्ते च दैवे युध्येत जयप्रेप्सुरपेतभीः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(जपजप्यान्) शत्रु के वर्ग के जिन अमात्य सेनापति आदि में फूट डाली जा सके, उनमें (उपजपेत्) फूट डाल दे (च) और इस प्रकार (तत् कृतं बुध्येत) शत्रु राजा की योजनाओं की जानकारी ले ले (च) और (जयप्रेप्स:) विजय का इच्छुक राजा इस प्रकार (अपेतभी:) भय छोड़कर (युक्ते दैवे) उचित अवसर पर (युध्येत) युद्ध-ग्राक्रमण शुरू कर देवे॥१९८॥