Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 192 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 192

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/192
Adhyay 7 Shloka 192
Shloka
संहतान्योधयेदल्पान्कामं विस्तारयेद्बहून्। सूच्या वज्रेण चैवैतान्व्यूहेन व्यूह्य योधयेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
(कृतसंज्ञान्) निश्चित संकेतों को समझने वाले.....
Meaning
(अल्पान् संहतान् योधयेत्) जो थोड़े पुरुषों से वहुतों के साथ युद्ध करना हो तो मिलकर लड़ावें (कामं विस्तारयेत् वहून) और काम पड़े तो उन्हीं को झट फैला देवें, जब नगर, दुर्ग वा शत्रु की सेना में प्रविष्ट होकर युद्ध करना हो तब (सूच्या वज्ररण व्यूहेन व्यूह्य) 'सूचीव्यूह' तथा 'वज्रव्यूह' जैसा दुधारा खड्ग, दोनों ओर युद्ध करते जायें और प्रविष्ट भी होते चलें वैसे अनेक प्रकार के व्यूह अर्थात् सेना को बनाकर (योधयेत्) लड़ावें॥१९२॥