Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 190 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 190

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 190
Shloka
सेनापतिबलाध्यक्षौ सर्वदिक्षु निवेशयेत्। यतश्च भयं आशङ्केत्प्राचीं तां कल्पयेद्दिशम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(सेनापति बलाध्यक्षौ) सेनापति और बलाध्यक्ष प्रज्ञा को देने और सेना के साथ लड़ने-लड़ाने वाले वीरों को (सर्वदिक्षु निवेशयेत्) आठों दिशाओं में रखें (यत: भयम् आशंकेत) जिस प्रोर से लड़ाई होती हो (तां प्राचीं दिशं कल्पयेत्) उसी ओर सब सेना का मुख रखे । परन्तु दूसरी ओर भी पक्का प्रबंध रक्खे, नहीं तो पीछे वा पार्श्व से शत्रु की घात होने का सम्भव होता है ॥१९०॥