Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 186 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 186

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 186
Shloka
संशोध्य त्रिविधं मार्गं षड्विधं च बलं स्वकम्। सांपरायिककल्पेन यायादरिपुरं प्रति॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(त्रिविधं मार्ग संशोध्य) तीन प्रकार के मार्ग अर्थात् एक-स्थल = भूमि में, दूसरा जल = समुद्र वा नदियों में तीसरा-आकाशमार्गों को शुद्ध बनाकर, भूमिमार्ग में रथ, अश्व, हाथी जल में नौका और प्रकाश में विमान प्रादि यानों से जावे (च) और (षड्वियम्) पैदल, रथ, हाथी, घोड़े, शस्त्र और स्त्र खान-पान आदि सामग्री को यथावत् साथ ले (बलं स्वकम) वलयुक्त पूर्ण करके (सांपरायिककल्पेन) किसी निमित्त को प्रसिद्ध करके (अपुरं शनैः यायात्) शत्रु के नगर के समीप धीरे धीरे जावे ॥१८६॥