Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 185 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 185

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 185
Shloka
कृत्वा विधानं मूले तु यात्रिकं च यथाविधि। उपगृह्यास्पदं चैव चारान्सम्यग्विधाय च॥

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1 Bhashyas
Meaning
जब राजा शत्रुओं के साथ युद्ध करने को जावे तव (मूले विधानं तु) अपने राज्य की रक्षा का प्रबन्ध (च) और (यात्रिकम) यात्रा की सब सामग्री (यथाविधि कृत्वा) यथाविधि करके (आस्पदम् एव उपगृह्य) सव सेना, यान, वाहन, शस्त्र, अस्त्र आदि पूर्ण लेकर (चारान् सम्यक् विधाय) सर्वत्र दूतों अर्थात् चारों ओर के समाचारों को देने वाले पुरुषों को गुप्त स्थापन करके- शत्रुओं की और युद्ध करने को जावे ॥१८५॥