Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 18 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 18

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 18
Shloka
दण्डः शास्ति प्रजाः सर्वा दण्ड एवाभिरक्षति। दण्डः सुप्तेषु जागर्ति दण्डं धर्मं विदुर्बुधाः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(दण्डः सर्वाः प्रजाः शास्ति) वही दण्ड प्रजा का शासनकर्त्ता (दण्ड: एव, अभिरक्षति) सब प्रजा का रक्षक है (सुप्तेषु जागति) सोते हुए प्रजास्थ जनों में जागता है, इसीलिए (बुधाः) बुद्धिमान् लोग (दण्डं धर्मं विदुः) दण्ड को ही धर्म कहते हैं॥१८॥