Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 172 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 172

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 172
Shloka
यदा मन्येत भावेन हृष्टं पुष्टं बलं स्वकम्। परस्य विपरीतं च तदा यायाद्रिपुं प्रति॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यदा स्वकं बलम्) जब अपने बल अर्थात् सेना को (हृष्टं पुष्टं भावेन मन्येत) हर्ष और पुष्टियुक्त प्रसन्न भाव से जाने (च) और (परस्य) शत्रु का बल (विपरीतम्) अपने से विपरीत निर्बल हो जावे (तदा रिपुं प्रति यायात्) तब शत्रु की ओोर युद्ध करने के लिए जावे ॥१७२॥