Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 170 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 170

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 170
Shloka
यदावगच्छेदायत्यां आधिक्यं ध्रुवं आत्मनः। तदात्वे चाल्पिकां पीडां तदा संधिं समाश्रयेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(यदा अवगच्छेन्) जब यह जान ले कि (तदात्वे) इस समय युद्ध करने से (अल्पिकां पीडाम्) थोड़ी पीड़ा प्राप्त होगी (च) और (आयत्याम) पश्चात् [ = भविष्य ] में करने से (आत्मनः आधिक्यं ध्रुवम्) अपनी वृद्धि और विजय अवश्य होगी (तदा संधि समाश्रयेत्) तव शत्रु से मेल करके उचित समय तक धीरज रखे॥१६९॥