Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 169 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 169

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 169
Shloka
अर्थसंपादनार्थं च पीड्यमानस्य शत्रुभिः। साधुषु व्यपदेशश्च द्विविधः संश्रयः स्मृतः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(शत्रुभिः पीड्यमानस्य) शत्रुत्रों द्वारा पीड़ित होकर (अर्थसम्पादनार्थम्) अपने उद्देश्य की सिद्धि अथवा आत्मरक्षा के लिए किसी राजा का आश्रय लेना (च) और (व्यपदेशार्थं साधुषु) भावी हार या दुःख से बचने के लिए किसी श्रेष्ठ राजा का आश्रय लेना ये (द्विविधः संश्रयः स्मृतः) दो प्रकार का 'संश्रय' कहलाता है ॥१६९॥