Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 168 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 168

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 168
Shloka
बलस्य स्वामिनश्चैव स्थितिः कार्यार्थसिद्धये। द्विविधं कीर्त्यते द्वैधं षाड्गुण्यगुणवेदिभिः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(षाड्गुण्य-गुणवेदिभिः) षड्गुणों के महत्त्व को जानने वालों ने (द्वेधं द्विविधं कीर्त्यंते) द्वैधीभाव दो प्रकार का कहा है – (कार्यार्थसिद्धये) कार्य की सिद्धि के लिए १- (बलस्य स्थितिः) सेना के दो भाग करके एक भाग सेना को सेनापति के आधीन करना (च) और २-(स्वामिनः) सेना का एक भाग राजा द्वारा अपने आधीन रखना॥१६८॥