Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 160 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 160

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 160
Shloka
तान्सर्वानभिसंदध्यात्सामादिभिरुपक्रमैः। व्यस्तैश्चैव समस्तैश्च पौरुषेण नयेन च॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(तान् सर्वान्) उन सत्र प्रकार के राजामों को (साम+दिभि: उपक्रमैः) 'साम' आदि [साम, दाम, दण्ड, भेद] उपायों से (व्यस्तैः) एक-एक उपाय से (च) और (समस्तैः) बउआयों का प्रयोग करके (पौरुण) वीरता से (च) तथा (नयेन) नीति से (अभिसंध्यात्) वश में रखे ॥१६०॥