Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 16 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 16

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 16
Shloka
तं देशकालौ शक्तिं च विद्यां चावेक्ष्य तत्त्वतः। यथार्हतः संप्रणयेन्नरेष्वन्यायवर्तिषु॥

Bhashya

Meaning
(देशकाली शक्ति च विद्याम्) देश, समय, शक्ति और विद्या अर्थात् अपराध के अनुसार उचित दण्ड का ज्ञान, इन बातों को (तत्त्वतः अवेक्ष्य) ठीक• ठीक विचार कर (अन्यायवर्तिषु) अन्याय का आचरण करने वाले (नरेषु) लोगों में (तम्) उस दण्ड को (यथार्हंतः संप्ररणयेत्) यथायोग्य रूप में प्रयुक्त करे॥१६॥