Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 157 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 157

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 157
Shloka
एताः प्रकृतयो मूलं मण्डलस्य समासतः। अष्टौ चान्याः समाख्याता द्वादशैव तु ताः स्मृताः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(समासतः) संक्षेप में (एता: मण्डलस्य मूलं प्रकृतयः) ये चार [ मध्यम, विजिगीषु, उदासीन और शत्रु] राज्यमण्डल की मूल प्रकृतियाँ = मूल रूप से विचारणीय स्थितियां या विषय हैं (च) और (अष्टौ ग्रन्या: समाख्याता:) आठ प्रकृतियां और कही गई हैं (ता: तु द्वादश एव स्मृताः) इस प्रकार वे कुल मिलाकर बारह होती हैं ॥१५७॥