Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 149 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 149

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 149
Shloka
यस्य मन्त्रं न जानन्ति समागम्य पृथग्जनाः। स कृत्स्नां पृथिवीं भुङ्क्ते कोशहीनोऽपि पार्थिवः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यस्य) जिस राजा के (मन्त्रम्) गूढ़ विचार को (पृथक् जनाः समागम्य न जानन्ति) अन्य जन मिलकर नहीं जान सकते अर्थात् जिसका विचार गम्भीर, शुद्ध, परोपकारोर्थ सदा गुप्त रहे (स: कोशहीनः अपि पार्थिवः) वह धनहीन भी राजा (कृत्स्नां पृथिवीं भुङ्क्ते) सब पृथिवी का राज्य करने में समर्थ होता है ॥१४९॥