Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 148 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 148

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 148
Shloka
गिरिपृष्ठं समारुह्य प्रसादं वा रहोगतः। अरण्ये निःशलाके वा मन्त्रयेदविभावितः॥

Bhashya

Subject
राज्यसम्बन्धी मन्त्रणायें
Meaning
(रहोगतः) पश्चात् उसके साथ घूमने को चला जाये (गिरिपृष्ठं वा प्रासादम्) पर्वत की शिखर अथवा एकान्त घर (वा) वा (अरण्ये निःशलाके) जंगल जिसमें एक शलाका भी न हो वैसे एकान्त स्थान में (समारुह्य) बैठकर (अविभाविता:) विरुद्ध भावना को छोड़ (मन्त्रयेत्) मन्त्री के साथ विचार करे॥१४८॥