Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 144 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 144

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 144
Shloka
विक्रोशन्त्यो यस्य राष्ट्राद्ह्रियन्ते दस्युभिः प्रजाः। संपश्यतः सभृत्यस्य मृतः स न तु जीवति॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यस्य सभृत्यस्य संपश्यतः) जिस भृत्यसहित देखते हुए राजा के (राष्ट्रात्) राज्य में से (दस्युभिः विक्रोशन्त्यः प्रजा: ह्रियन्ते) डाकू लोग रोती, विलाप करती प्रजा के पदार्थ और प्राणों को हरते रहते हैं (स: मृतः) वह जानों भृत्य - अमात्यसहित मृतक है (न तु जीवति) जीता नहीं है और महादुःख है पाने वाला है ॥१४४॥