Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 143 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 143

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/143
Adhyay 7 Shloka 143
Shloka
एवं सर्वं विधायेदं इतिकर्तव्यं आत्मनः। युक्तश्चैवाप्रमत्तश्च परिरक्षेदिमाः प्रजाः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(एवम्) इस प्रकार (सर्वम् इतिकर्त्तव्यं विधाय) सव राज्य का प्रबन्ध करके (युक्तः) सदा इसमें युक्त (च) और (अप्रमत्तः) प्रमादरहित होकर (आत्मन: इमा: प्रजा: परिरक्षेत्) अपनी प्रजा का पालन निरन्तर करे॥१४३॥