Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 141 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 141

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/141
Adhyay 7 Shloka 141
Shloka
तीक्ष्णश्चैव मृदुश्च स्यात्कार्यं वीक्ष्य महीपतिः। तीक्ष्णश्चैव मृदुश्चैव राज भवति सम्मतः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
+ (आत्मनः) अपने.........
Meaning
(महीपतिः) जो महीपति (कार्यं वीक्ष्य) कार्य को देखकर (तीक्ष्णः च मृदुः एव स्यात्) तीक्ष्ण और कोमल भी होवे (तीक्ष्णः च एव) वह दुष्टों पर तोक्ष्ण (च) और (मृदुः एव) श्रेष्ठों पर कोमल रहने से (राजा संमतः भवति) अतिमाननीय होता है ॥१४१॥