Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 138 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 138

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 138
Shloka
यत्किं चिदपि वर्षस्य दापयेत्करसंज्ञितम्। व्यवहारेण जीवन्तं राजा राष्ट्रे पृथग्जनम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(राष्ट्र) राज्य में (व्यवहारेण जोवन्तं पृथक्जनम्) व्यापार से जीविका करने वाले प्रत्येक व्यक्ति से (राजा) राजा को (यत् किंचित् अपि) थोड़ाबहुत तो (वर्षस्य करसंज्ञितम्) वार्षिक कर के नाम से कुछ न कुछ (दापयेत्) लेना चाहिए ॥१३८॥