Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 133 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 133

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 133
Shloka
पत्रशाकतृणानां च चर्मणां वैदलस्य च। मृन्मयानां च भाण्डानां सर्वस्याश्ममयस्य च॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(च) और (पत्र-शाक-तृणानाम्) वृक्षपत्र, शाक, तृण (चर्मणां वेदलस्य) चमड़ा, वांसनिर्मित वस्तुएं (मृण्मयानां भाण्डानाम्) मिट्टी के बने वर्तन (च) और (सर्वस्य अश्ममयस्य) सब प्रकार के पत्थर से निर्मित पदार्थ, इनका भी छठा भाग कर ले ॥१३३॥