Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 127 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 127

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 127
Shloka
पणो देयोऽवकृष्टस्य षडुत्कृष्टस्य वेतनम्। षाण्मासिकस्तथाच्छादो धान्यद्रोणस्तु मासिकः॥

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Meaning
(अवकृष्टस्य पण:) निम्नस्तर के नौकर को कम से कम एक पर और (उत्कृष्टस्य षट्) ऊंचे स्तर के भृत्य को छः परण (वेतनं देयः) वेतन प्रतिदिन देना चाहिए (तथा) तथा उन्हें (षाण्मासिक: आच्छादः) प्रति छः महीने पर ओढ़ने पहरने के वस्त्र [ = वेशभूषा] (तु) और (मासिक: धान्यद्रोण:) एक महीने में एक द्रोण [६४ सेर] धान्य = अन्न, देना चाहिए ॥१२७॥