Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 125 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 125

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/125
Adhyay 7 Shloka 125
Shloka
ये कार्यिकेभ्योऽर्थं एव गृह्णीयुः पापचेतसः। तेषां सर्वस्वं आदाय राजा कुर्यात्प्रवासनम्॥

Bhashya

Meaning
(पापचेतसः) पापी मन वाले (ते) वे रिश्वतखोर और ठग राजपुरुप (कार्यिकेभ्यः) यदि काम कराने वालों और मुकद्दमे वालों से (अर्थं गृह्णीयुः एव) धन अर्थात् रिश्वत ले ही लें तो (तेषां सर्वस्वम् आदाय) उनका सब कुछ अपहरण करके (राजा) राजा (प्रवासनम् कुर्यात) उन्हें देशनिकाला दे ॥१२५॥