Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 123 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 123

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/123
Adhyay 7 Shloka 123
Shloka
स ताननुपरिक्रामेत्सर्वानेव सदा स्वयम्। तेषां वृत्तं परिणयेत्सम्यग्राष्ट्रेषु तच्चरैः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(सः) वह [७ | १२० में वर्णित] सचिव = मन्त्री (तान् सर्वान् साद स्वयम् अनुपरिक्रामेत्) उन निर्मित [७ | १२१] सव सचिवालयों का सदा स्वयं घूम-फिरकर निरीक्षण करता रहे (च), और (राष्ट्र) देश में (तत् चरैः) अपने दूतों के द्वारा (तेषां वृत्तं परिणये) वहां नियुक्त राजपुरुषों के आचरण की गुप्तरीति से जानकारी प्राप्त करता रहे॥१२३॥