Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 115 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 115

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 115
Shloka
द्वयोस्त्रयाणां पञ्चानां मध्ये गुल्मं अधिष्ठितम्। तथा ग्रामशतानां च कुर्याद्राष्ट्रस्य संग्रहम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
ग्रामाध्यक्षों आदि की नियुक्ति
Meaning
(ग्रामस्य अधिपतिं कुर्यात्) एक-एक ग्राम में एक-एक प्रधान पुरुष को रखे (तथा दशग्रामपतिम्) उन्हीं दश ग्रामों के ऊपर दूसरा (विंशति + ईशम्) उन्हीं बीस ग्रामों के ऊपर तीसरा (शत + ईशम्) उन्हीं सौ ग्रामों के ऊपर चौथा (च) और (सहस्रपतिम् एव) उन्हीं सहस्र ग्रामों के ऊपर पांचवां पुरुष रखे । अर्थात् जैसे आजकल एक ग्राम में एक पटवारी, उन्हीं दशग्रामों में एक थाना और दो थानों पर एक बड़ा थाना और उन पांच थानों पर एक तहसील और दस तहसीलों पर एक जिला नियत किया है ॥११५॥