Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 114 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 114

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
7/114
Adhyay 7 Shloka 114
Shloka
राष्ट्रस्य संग्रहे नित्यं विधानं इदं आचरेत्। सुसंगृहीतराष्ट्रे हि पार्थिवः सुखं एधते॥

Bhashya

Meaning
इसलिए (द्वयोः त्रयाणां पञ्चानां तथा ग्रामशतानां मध्ये) दो, तीन, पाँच और सौ गांव के बीच में (गुल्मं अधिष्ठितम्) एक राज-स्थान [= राज्य सचिवालय] रख के जिसमें यथायोग्य भृत्य और कामदार आदि राजपुरुषों को रख कर (राष्ट्रस्य संग्रहं कुर्यात्) सब राज्य के कार्यों को पूर्ण करे ॥११४॥