Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 111 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 111

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 111
Shloka
यथोद्धरति निर्दाता कक्षं धान्यं च रक्षति। तथा रक्षेन्नृपो राष्ट्रं हन्याच्च परिपन्थिनः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(यथा) जैसे (निर्दाता) धान्य का निकालने वाला (कक्षम् उद्धरति धान्यं च रक्षति) छिलकों को अलग कर धान्य की रक्षा करता अर्थात् छूटने नहीं देता है (तथा) वैसे (नृपः) राजा (परिपन्थिन: हन्यात्) डाकू चोरों को मारे (च) और (राष्ट्र रक्षेत्) राज्य की रक्षा करे॥१११॥