Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 109 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 109

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 109
Shloka
यदि ते तु न तिष्ठेयुरुपायैः प्रथमैस्त्रिभिः। दण्डेनैव प्रसह्यैताञ् शनकैर्वशं आनयेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
(उपक्रमैः) इन उपायों से............
Meaning
वे शत्रु डाकू, चोर आदि (प्रथमै: त्रिभिः उपाय:) न दाम, भेद इन तीन उपायों से शान्त न हों या वश में न आयें तो राजा (एतान्) इन्हें (दण्डेन एव) दण्ड के द्वारा ही (प्रसह्य) बलपूर्वक (यदि) यदि (ते तिप्ठेयुः तु) पूर्वोक्त साम (शनकै: वशम् आनयेत्) सावधानीपूर्वक वश में लाये ॥१०९॥