Adhyay 7

Manusmriti

Shloka 108 Chapter Seven

Adhyay 7
Shloka 108

Chapter Seven

Subject: राजधर्म विषय

230 Shloka
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Adhyay 7 Shloka 108
Shloka
एवं विजयमानस्य येऽस्य स्युः परिपन्थिनः। तानानयेद्वशं सर्वान्सामादिभिरुपक्रमैः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(एवं विजयमानस्य) इस प्रकार विजय करने वाले सभापति के राज्य में (ये परिपन्थिनः स्युः) जो परिपंथी अर्थात् डाकू-लुटेरे हों (तान्) उनको (साम + आदिभिः) साम= मिला लेना, दाम= कुछ देकर, भेद-तोड़-फोड़ करके :०२ (वशम् आनयेत्) वश में करे ॥१०८॥