Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 90 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 90

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 90
Shloka
यथा नदीनदाः सर्वे सागरे यान्ति संस्थितिम्। तथैवाश्रमिणः सर्वे गृहस्थे यान्ति संस्थितिम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यथा सर्वे नदी-नदा:) सागरे संस्थिति यान्ति जैसे सव बड़े-बड़े नद और नदी सागर में जाकर स्थिर होते हैं (तथैव) वैसे ही (सर्वे प्रश्रमिणः) सब आश्रमी (गृहस्थे संस्थितिं यान्ति) गृहस्थ ही को प्राप्त होके स्थिर होते हैं । ॥९०॥