Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 82 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 82

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 82
Shloka
ध्यानिकं सर्वं एवैतद्यदेतदभिशब्दितम्। न ह्यनध्यात्मवित्कश्चित्क्रियाफलं उपाश्नुते॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यत् एतत् अभिशब्दितम्) यह जो कुछ पहले कहा गया है (एतत् सर्वम् एव ध्यानिकम्) यह सब ही ध्यानयोग के द्वारा सिद्ध होने वाला है (अन् + अध्यात्मवित् कश्चित्) अध्यात्मज्ञान से रहित कोई भी व्यक्ति (क्रियाफलं न हि उपाश्नुते) उपर्युक्त कर्मों के फल को नहीं पा सकता॥८२॥