Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 81 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 81

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 81
Shloka
अनेन विधिना सर्वांस्त्यक्त्वा सङ्गाञ् शनैः शनैः। सर्वद्वन्द्वविनिर्मुक्तो ब्रह्मण्येवावतिष्ठते॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अनेन विधिना) इस विधि से (शनैः शनैः) धीरे-धीरे (सर्वान् संगान् त्यक्त्वा) सव संग से हुए दोषों को छोड़ के (सर्वद्वन्द्व विनिर्मुक्तः) सव हर्ष- शोकादि द्वन्द्वों से विशेषकर निर्मुक्त होके (ब्रह्मरिण एव अवतिष्ठते) विद्वान् संन्यासी ब्रह्म ही में स्थिर होता है ॥८१॥