Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 75 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 75

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 75
Shloka
अहिंसयेन्द्रियासङ्गैर्वैदिकैश्चैव कर्मभिः। तपसश्चरणैश्चोग्रैः साधयन्तीह तत्पदम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अहिंसया) सब भूतों से निर्वैर (इन्द्रिय + असंग:) इन्द्रियों के विषयों का त्याग (वैदिकैः कर्मभिः) वेदोक्त कर्म (च) और (उग्र : तपश्चरण:) प्रत्युग्र तपश्चरण से (इह) इस संसार में (तत्पदं साधयन्ति) मोक्षपद को पूर्वोक्त संन्यासी ही सिद्ध कर और करा सकते हैं, अन्य नहीं॥७५॥