Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 74 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 74

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
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Adhyay 6 Shloka 74
Shloka
सम्यग्दर्शनसंपन्नः कर्मभिर्न निबध्यते। दर्शनेन विहीनस्तु संसारं प्रतिपद्यते॥

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Meaning
(सम्यक् दर्शनसंपन्न:) जो संन्यासी यथार्थज्ञान वा षड्दर्शनों से युक्त है (कर्मभिः न निबद्धयते) वह दुष्टकर्मों से बद्ध नहीं होता (तु) और (दर्शनेन विहोनः) जो ज्ञान, विद्या, योगाभ्यास सत्संग, धर्मानुष्ठान वा षड्दर्शनों से रहित विज्ञानहीन होकर संन्यास लेता है वह संन्यास पदवी और मोक्ष को प्राप्त न हो कर (संसारं प्रतिपद्यते) जन्म-मरण रूप संसार को प्राप्त होता है ॥७४॥